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टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ये हैं अभी तक के सबसे महंगे 3 ओवर

क्रिकेट के खेल में एक गेंदबाज के लिए तीनों ही फॉर्मेट में खुद की जगह को पक्का करना आसान काम नहीं होता है। क्योंकि लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में तो एकबार गेंदबाज खुद की उपयोगिता को साबित कर सकता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उसे खुद को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसी कारण विश्व क्रिकेट के यदि महान गेंदबाजों की लिस्ट को देखा जाएगा तो उसमें टेस्ट क्रिकेट में शानदार गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी दिखाई देंगे। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में भी हमें कभी-कभी ऐसे भी क्षण देखने को मिले हैं, जिसको लेकर किसी ने सोचा भी नहीं था। और यह टेस्ट क्रिकेट के सबसे महंगे ओवर साबित हुए।

इस दौरान बल्लेबाजों ने गेंदबाज की 6 गेंदों को बाउंड्री के पार पहुंचाकर सभी को हैरानी में डाल दिया। हम आपको टेस्ट क्रिकेट में अभी तक के सबसे महंगे 3 ओवर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें सभी मौकों पर एक समान स्कोर बनने का संयोग देखने को मिला। 

 

 साउथ अफ्रीका बनाम वेस्टइंडीज़ (साल 2003-04, जोहान्सबर्ग स्टेडियम) 

वेस्टइंडीज की टीम साल 2003-04 में दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर ब्रायन लारा की कप्तानी में 4 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने गई थी। इस सीरीज का पहला मैच जोहन्सबर्ग के मैदान में खेला गया था। इस टेस्ट मैच में अफ्रीका टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला और उन्होंने अपनी पहली पारी में 561 रन बना दिए थे। जवाब में विंडीज टीम ने भी अपनी पहली पारी में 410 रन बना दिए जिसमें कप्तान लारा की 202 रनों की पारी भी शामिल है। 

लेकिन ब्रायन लारा ने अपनी इस पारी के दौरान रॉबिन पीटरसन के एक ओवर में अकेले 28 रन बना दिए थे। विंडीज़ टीम की पहली पारी के दौरान 120वें ओवर में लारा ने पीटरसन की शुरूआती 3 गेंदों में 16 रन बनाने के साथ आखिरी 3 गेंदों में 12 और रन बनाकर कुल 28 रन बना दिए। हालांकि बाद में इस मैच में विंडीज टीम को 189 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। 

– ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड (साल 2013, पर्थ टेस्ट) 

इंग्लैंड की टीम का साल 2013 में एशेज ट्रॉफी खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गआ थी, जिसमें सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच पर्थ के मैदान में खेला जाना था। इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 385 रन बना दिए थे। जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी पहली पारी में 251 रन बनाए। अब ऑस्ट्रेलिया टीम की कोशिश दूसरी पारी में तेजी के साथ बनाकर इंग्लैंड के बड़ा लक्ष्य देने की थी। 

जिसमें डेविड वार्नर और शेन वॉटसन ने शतकीय पारी खेलते हुए टीम के लिए तेजी से रन बना दिए थे। लेकिन जॉर्ज बेली ने अपनी बल्लेबाजी से बिल्कुल ही मैच को बदलकर रख दिया। दरअसल ऑस्ट्रेलिया टीम की दूसरी पारी के 87 ओवर में बेली ने एंडरसन की 6 गेंदों पर 28 रन बना दिए। इसमें उन्होंने ओवर की ओवर की पहली 3 गेंदों में 12 रन बनाने के बाद आखिरी 3 गेंदों पर एक चौका और 2 छक्के जड़ दिए। बेली की इस पारी की चलते ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को चौथी पारी में 504 रनों की लक्ष्य दिया जिसके बाद कंगारू टीम ने इस मैच में 150 रनों से जीत दर्ज की थी। 

– साउथ अफ्रीका बनाम इंग्लैंड (साल 2019-20, पोर्ट एलिजाबेथ) 

साल 2019-20 में इंग्लैंड की टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर टेस्ट सीरीज खेलने गई हुई थी, जिसमें सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच पोर्ट एलिजाबेथ के मैदान पर खेला गया था। इस मैच में इंग्लैंड की टीम ने पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए 499 रन बनाए थे। जिसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम पहली पारी में 209 पर सिमट गई और उसे फॉलोआन खेलना पड़ा। अफ्रीका की दूसरी पारी में भी वही कहानी देखने को मिली लेकिन स्पिन गेंदबाज केशव महाराज ने अपनी बल्लेबाजी से जरूर सभी को प्रभावित किया। 

केशव ने अफ्रीका टीम की दूसरी पारी के 82 ओवर में 28 रन बनाकर सभी को हैरानी में डाल दिया। इंग्लैंड की तरफ से कप्तान जो रूट इस ओवर में गेंदबाजी कर रहे थे। जिसमें पहली 3 गेंदों पर 3 चौके आने के बाद अगली 2 गेंदों पर केशव ने छक्के जड़ दिए वहीं आखिरी गेंद पर एक और चौका आने से पूरे ओवर में 28 रन बन गए थे। हालांकि इस मैच में अफ्रीका को 1 पारी और 53 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। यह ओवर भी अन्य दो ओवरों की तरह 28 रन लुटाने के चलते टेस्ट क्रिकेट के सबसे महंगे ओवरों में शामिल हो गया।

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