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डेब्यू टेस्ट मैच में हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज

टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेना हर गेंदबाज का ख्वाब होता है। क्रिकेट में छक्के-चौके लगाना, विकेट लेना और असंभव रनआउट करना व कैच पकड़ना, जितना आसान है। उतना ही कठिन है, किसी गेंदबाज को (हैट्रिक) लगातार तीन गेंदों में तीन बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाना। हैट्रिक लेना गेंदबाजों के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।

हैट्रिक वह भी डेब्यू मुकाबले में अगर गेंदबाज के खाते में आ जाए, तो ये पूरी तरह से कल्पनाओं से जुदा हकीकत हो जाना है। टेस्ट क्रिकेट में तो हैट्रिक लेना सबसे मुश्किल होता है, लेकिन तीन ऐसे गेंदबाज हुए हैं जो अपने करियर के पहले मुकाबले में ही हैट्रिक लेकर मैदान पर तहलका मचा चुके हैं। पढ़ें ये खास लेखः

मौरिस एलम, 1930

सन् 1929-30 में क्राइस्टचर्च में हुए टेस्ट मैच में जेम्स कैरिक एलम ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में डेब्यू करते हुए हैट्रिक ली थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज एलम टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले खिलाड़ी हैं, हालांकि उनका करियर 5 टेस्ट मैचों तक ही चला। एलम ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज टॉम लॉरी(एलबीडब्लू), केन जेम्स(विकेट के पीछे) और टेड बैडकॉक(बोल्ड) को अपना शिकार बनाया था। मौरिस का कद 6 फीट 6 इंच था, जिसकी वजह से वह गेंद को हवा के साथ तेजी से अंदर लाते थे। मैच के पहले दिन उन्होंने 8वें ओवर की पहली पांच गेंदों में 4 बल्लेबाजों को आउट कर दिया था।

पीटर पेथरिक, 1974

सन् 1974 में न्यूजीलैंड के गेंदबाज पीटर पेथरिक ने पाकिस्तान के लाहौर में हुए टेस्ट मैच में जावेद मियांदाद, वसीम राजा और इंतिखाब आलम को आउट करके इतिहास रच दिया। 34 वर्षीय ऑफ स्पिनर पीटर इस मैच में डेब्यू कर रहे थे और उन्होंने अपने डेब्यू मैच में हैट्रिक लेकर सभी को हैरान कर दिया था। इस मुकाबले की दूसरी पारी में 19 वर्षीय बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने बेहतरीन 163 रन की पारी खेली थी और वह लंबे समय तक पाकिस्तान के लिए खेलते रहे। वहीं हैट्रिक लेने के बावजूद पीटर का करियर मात्र 5 टेस्ट मैचों तक ही सीमित रहा।

डेमियन फ्लेमिंग, 1994

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज डेमियन फ्लेमिंग ने सन् 1994 में पाकिस्तान के खिलाफ अपना डेब्यू मुकाबला खेला था। रावलपिंडी में हुए टेस्ट मैच में फ्लेमिंग ने पाकिस्तान की दूसरी पारी में दोहरा शतक ठोक चुके सलीम मलिक  (237 रन), आमिर मालिक(65 रन) और इंजमाम उल हक को आउट किया था। हालांकि इस हैट्रिक के बावजूद फ्लेमिंग का करियर लंबा नहीं चला और वह सिर्फ 20 टेस्ट मैच ही ऑस्ट्रेलिया के लिए खेल पाए। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में अपने डेब्यू मुकाबले में हैट्रिक लेने वाले वह दुनिया के तीसरे क्रिकेटर बने थे।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।