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जन्मदिन विशेष : सचिन तेंदुलकर की ये बातें शायद ही आप जानते होंगे

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान पर कई रिकॉर्ड बनाए। 1989 से लेकर 2013 तक चले अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर में सचिन ने जिस मुकाम को हासिल किया उसके करीब शायद ही कोई क्रिकेटर पहुंच पाए। यूं तो सचिन के बारे में कई बातें हैं जो पूरी दुनिया जानती हैं लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जिन्हें हर कोई नहीं जानता। ऐसे में हम आपके लिए लाए हैं सचिन से जुड़ी कुछ खास और रोचक बातें।

सचिन का क्रिकेट प्रेम

 

सचिन बचपन से क्रिकेट के शौकिन थे। 1983 विश्व कप में भारत की जीत के बाद से उनका ध्यान इस खेल पर ज्यादा आया। इससे पहले उन्हें टेनिस खेलने का भी शौक था लेकिन धीरे-धीरे मन क्रिकेट में रमने लगा। सचिन के क्रिकेट सीखने की पहली क्लास तब शुरू हुई जब वो पेड़ से गिर गए। हुआ यूं कि रविवार के दिन सचिन पेड़ पर चढ़कर टीवी पर आ रही गाइड फिल्म देख रहे थे। अचानक डाली टूटी और सचिन नीचे गिरे। सचिन शरारती पहले से थे लेकिन उनकी ये शरारत उनके बड़े भाई अजित तेंदुलकर को रास नहीं आई और वो उन्हें कोच रमाकांत आचरेकर के पास ले गए जहां से उनके क्रिकेट को नई दिशा मिली।

सचिन की जर्सी

सचिन तेंदलकर

आमतौर पर सचिन को उनकी जर्सी नंबर 10 से पहाचाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि टीम के सबसे बड़े खिलाड़ी इस नंबर को पहनने की क्षमता रखते हैं। हालाकि सचिन इस जर्सी नंबर के अलावा दो और जर्सी नंबर के साथ दिखे थे। सचिन जब रंगीन जर्सी में आए तो उनके पीछे नंबर 99 लिखा होता था। 1999 के विश्व में सचिन इसी नंबर के साथ मैदान पर उतरे थे।

इसके बाद सचिन के करियर को टेनिस एल्बो का झटका लगा। कुछ महीनें बाहर रहने के बाद जब सचिन वापस आए तो उनका जर्सी नंबर बदल चुका था। सचिन अब 33 नंबर के जर्सी मे आए थे। हालाकि ये नंबर सिर्फ कुछ दिनों तक सचिन की पहचान बन सका। सचिन ने नंबर 10 की जर्सी टेनिस एल्बो होने से पहले ही पहननी शुरू कर दी थी जो कुछ दिनों के गैप के बाद एक बार फिर उनकी पहचान बन गई और अंत तक बनी रही।

सचिन और उनका पहला एड

सचिन तेंदलकर

सचिन ने अपने क्रिकेट करियर में कई ब्रांड का एंडोर्समेंट किया है। अभी भी कई ब्रांड के साथ जुड़े हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहली बार सचिन ने किस ब्रांड का एड किया था। आमतौर पर एक मिथ है कि सचिन ने पहली बार कपिल देव के साथ बूस्ट को एड किया था जबकि सच्चाई यह है कि सचिन ने पहली बार ‘बैंड-इड’ का एड किया था जबकि बूस्ट ने पहली बार उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था।

सचिन का बैट स्पॉन्सर

करियर के आखिरी सालों में सचिन एडिडास द्वारा स्पॉन्सर किए गए वैंपायर बल्ले से खेलते थे। उससे पहले कई सालों तक एमआरएफ का बल्ला उनकी पहचान बनी हुई थी लेकिन क्या आपको पता है कि पहली बार सचिन को के बल्ले पर स्पॉन्सर स्टीकर कब लगा?

शुरुआती दिनों में सचिन बैट निर्माता कंपनी पावर से खेलते थे। धीरे-धीरे सचिन रन बनाते जा रहे थे और फिर आया 1996 का विश्व कप, जिसमें सचिन एक नए स्तर पर खेलते दिख रहे थे और इसी विश्व कप के बाद उन्हें पहला ब्रांड मिला MRF का।

सचिन के बल्ले का वजन

बात जब बल्ले की चली तो एक और बात काफी दिनों तक सचिन के फैन्स के लिए उत्सुक्ता ले कर आती रही कि उनके बल्ले का वजन क्या था। छोटे कद के सचिन उस दौर में सबसे भारी वजन का बल्ला इस्तेमाल करते थे। औसतन या आमतौर पर बड़े ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों का बल्ला 1.1 किलोग्राम का होता था तो वहीं सचिन इनसे कहीं आगे थे और 1.51 किलो के बल्ले से खेलते थे। उस दौर में सचिन के बराबर अगर किसी का बल्ला वजनदार था तो वो थे साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर लांस क्लुजनर।

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Shashank

The author Shashank

2011 विश्व कप के साथ शशांक ने अपनी खेल पत्रकारिता की शुरआत की। क्रिकेट के मैदान से लेकर हर छोटी बड़ी खबरों पर इनकी नज़र रहती है। खेल की बारीकियों से लेकर रिकॉर्ड बुक तक, हर उस पहलू पर नजर होती है जिसे आप पढ़ना और जानना चाहते हैं। क्रिकेट के अलावा दूसरे खेलों में भी इनकी गहरी रूची है। कई बड़े मीडिया हाउस को अपनी सेवा दे चुके हैं।