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इस गेंदबाज के खौफ से रातों को नींद नहीं आती थीः वीरेंद्र सहवाग

क्रिकेट के इतिहास के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने मैदान पर अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाजों की नींद खराब कर दिया करते थे। विपक्षी टीमें उन्हें आउट करने के लिए प्लान बनाया करती थीं। सहवाग जबतक मैदान पर होते, टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित हुआ करती थी। लेकिन अब उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि वह श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का सामना करते हुए डरते थे।

सहवाग से जब पूछा गया कि किस गेंदबाज का सामने करते हुए उन्हें डर लगता था या कठिनाई होती थी। तो उन्होंने सीधा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें मुरलीधरन की गेंदों का सामना करते हुए कठिनाई होती थी। मुरलीधरन ने अपने टेस्ट करियर में 133 मैचों में कुल 800 विकेट झटके हैं। जिसमें 59 मैच में उन्होंने 412 विकेट लिए हैं, ये मैच श्रीलंका या तो जीती है या फिर मैच ड्रॉ रहा है।

आरजे रौनक से बात करते हुए सहवाग ने कहा

मुथैया मुरलीधरन बेहद खतरनाक गेंदबाज थे, जिनके खिलाफ मैंने बल्लेबाजी की है। मुरली को टैकल करने में मुझे 7-8 से वर्ष लगे थे, ये दौर साल 2001-2007 का था। जब भी मैं श्रीलंका के खिलाफ खेलता था, मुझे हमेशा मुरली से डर लगता था।

आज भी मुरली के खिलाफ खेलना पड़े, तो मुझे रातों में नींद नहीं आती हैः वीरेंद्र सहवाग

वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने लंबे समय तक एक साथ क्रिकेट खेला है। दोनों सलामी बल्लेबाज थे और भारत को कई यादगार शुरुआत दिला चुके हैं। लेकिन सहवाग आगे कहते हैं कि अगर आज भी मुरली के खिलाफ खेलना पड़े, तो उन्हें रातों को नींद नहीं आती है। सहवाग ने कहा कि वह मुरलीधरन की गेंदों को समझ ही नहीं पाते थे, बाद में सचिन तेंदुलकर ने उन्हें मुरली को खेलने का तरीका समझाया।

एक्शन से लगता था डरः सहवाग

मुझे आज भी मुरली को खेलना पड़े तो रात में मुझे नींद नहीं आएगी। क्योंकि उनका एक्शन बेहद अजीब व डरावना था। मैं उनकी ऑफ स्पिन व दूसरा जल्दी नहीं समझ पाता था। बाद में मुझे तेंदुलकर ने बताया कि जब मुरली का अंगूठा दिखे समझो दूसरा है। वह जब हाथ में गेंद लेते हैं, तब उनका अंगूठा दिखता है और उसपर ध्यान देना चाहिए।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।