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आज के दिन: 20 साल के बाद श्रीलंका की सरजमीं पर भारत ने गाड़ा था विजयी झंडा

किसी भी टीम का लक्ष्य होता है कि वह घर पर जीत हासिल करने के साथ विदेशी पिचों पर भी उसी तरह का कमाल दिखाने में कामयाब हो सके, लेकिन ऐसा कर पाना आसान काम नहीं होता है। खासकर टेस्ट फॉर्मेट में जहां घरेलू टीम के पास एक से बढ़कर एक शानदार खिलाड़ी मौजूद होते हैं, जो अपनी घरेलू परिस्थितियों से पूरी तरह वाकिफ होते हैं।

इसी कारण हम सभी ने देखा है कि कई टीमों को सालों तक किसी एक देश में टेस्ट मैच जीत तक नसीब नहीं होती है, तो वहीं कुछ को टेस्ट सीरीज जीत हासिल करने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। इसी में भारतीय टीम को अपने पड़ोसी देश श्रीलंका जहां की पिच भी स्पिन गेंदबाजी के लिए काफी माकूल मानी जाती है, वहां पर उन्हें साल 1995 के बाद 20 साल का लंबा इंतजार अपनी अगली टेस्ट सीरीज जीत के लिए करना पड़ा।

साल 2015 की टेस्ट सीरीज में दिखाया भारतीय टीम ने कमाल

भारतीय टीम साल 2015 में श्रीलंका के दौरे पर 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने पहुंची हुई थी, जिसमें सीरीज का पहला मैच गाले के मैदान पर खेला गया था और इसमें मेजबान टीम ने 63 रनों से जीत हासिल करते हुए सीरीज में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद सीरीज का दूसरा मैच कोलंबो के पी सारा ओवल मैदान पर खेला जाना था।

इस मैच में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 278 रनों से मात देते हुए सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया जिसके चलते कोलंबो के सिंघली स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाने वाला सीरीज का आखिरी मैच दोनों टीमों के नजरिए से काफी महत्वपूर्ण हो गया था।

भारत ने पहली पारी में हासिल की महत्वपूर्ण बढ़त

सिंघली स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला और टीम ने चेतेश्वर पुजारा के शानदार 145 रनों की बदौलत अपनी पहली पारी में 312 रन बनाए। इसके बाद श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में मात्र 201 रन बनाकर सिमट गई जिससे भारतीय टीम को पहली पारी में 100 से अधिक रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हो चुकी थी।

वहीं, मैच में भारतीय टीम की दूसरी पारी 274 रनों पर सिमट गई जिसमें ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सर्वाधिक 58 रनों की पारी खेली थी। इसके अलावा रोहित शर्मा भी 50 रन बनाने में कामयाब रहे थे।

बड़े लक्ष्य के दबाव में हारी श्रीलंकाई टीम

टेस्ट मैच की चौथी पारी में 300 से अधिक रनों का पीछा करना किसी भी टीम के लिए आसान काम नहीं होता है। ऐसा ही कुछ श्रीलंकाई टीम की दूसरी पारी में देखने को मिला जहां उसे 350 से अधिक का लक्ष्य हासिल करना था, लेकिन पूरी टीम 268 के स्कोर पर ही सिमट गई और उसे मैच में 117 रनों से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, भारतीय टीम सीरीज के आखिरी 2 मैचों में जीत हासिल करते हुए 2-1 से इसे अपने नाम करने में कामयाब रही थी।

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