close
DOWNLOAD 100MB MOBILE APP

आखिरी क्यों हैं मिताली राज भारतीय महिला क्रिकेट की चैंपियन क्रिकेटर

भारतीय महिला क्रिकेट की दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज जिनके नाम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनगिनत रिकॉर्ड दर्ज हैं, उन्होंने अपने खेल से टीम को एक अलग मुकाम पर लेकर जाने का काम किया है। मिताली को महिला क्रिकेट की सचिन तेंदुलकर के रूप में पहचाना जाता है और इसका सबसे बड़ा कारण उनके बल्ले से लगातार रनों की गति ना रुकना है।

टेस्ट और वनडे में मौजूदा भारतीय महिला कप्तान मिताली राज के करियर को देखा जाए तो वह बाकी खिलाड़ियों के मुकाबले कहीं अलग दिखेगा और इसका सबसे बड़ा कारण उनका पिछले 20 से अधिक साल से लगातार क्रिकेट खेलना जारी रखना है। मिताली के नाम टेस्ट और वनडे में कई यादगार पारियां खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है, जिसमें एक उन्होंने साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ टॉन्टन के मैदान में 14 से 17 अगस्त तक हुए टेस्ट मैच के दौरान खेली थी।

अकेले बना दिए 214 रन जो उस समय महिला टेस्ट क्रिकेट में था सर्वाधिक स्कोर

साल 2002 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी, जहां दोनों टीमों के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच टॉन्टन के मैदान पर खेला जाना था। इस मैच में मेजबान इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 329 रन बनाए। जवाब में जब भारतीय टीम की पारी शुरू हुई तो ऊपरी क्रम के 3 विकेट 100 के स्कोर पर ही गिर गए थे।

यहां से एक छोर से मिताली राज ने पारी को संभालने का जिम्मा अपने कंधों पर लेते हुए लगातार रनों की गति को बनाए रखा। मिताली ने 214 रनों की पारी खेलते हुए जहां महिला टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में सर्वाधिक स्कोर बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया तो वहीं, उन्हें इस पारी के दौरान हेमलता काला और झूलन गोस्वामी का बखूबी साथ मिला जिसके दम पर वह इस स्कोर तक पहुंचने में कामयाब हो पाई थीं।

हालांकि, साल 2004 में मिताली राज के इस रिकॉर्ड को पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी किरन बलूच ने वेस्टइंडीज के खिलाफ कराची में हुए टेस्ट मैच के दौरान तोड़ते हुए 242 रनों की पारी खेल दी थी।

Leave a Response