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जानिए, आखिर किन कारणों से धोनी को खेलना चाहिए 2019 का विश्वकप

भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले 2019 के विश्वकप के लिए कोई भी कसर छोड़ना नहीं चाहती है। जिस वजह से वह पूरी तैयारी के साथ अपनी रणनीति बनाने और खेल सुधारने में लगी हुई है। ऐसे में कई बार यह सवाल भी खड़ा हुआ है कि आखिर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 2019 का विश्वकप खेलेंगे या नहीं। आपको बता दें कि अगर धोनी आने वाले विश्वकप में टीम में शामिल रहते हैं, तो इसका बहुत बड़ा फायदा टीम को मिलेगा। जिसके पीछे ये पांच मुख्य वजह इस तरह से हैं-

कुशल रणनीतिकार

सभी को पता है कि महेंद्र सिंह धोनी बोलने में कम और करके दिखाने में ज्यादा विश्वास रखते हैं। किसी भी मैच को किस प्रकार से फिनिश करना है और उसमें जीत कैसे हासिल करनी है। इसके बारे में धोनी जैसी रणनीति कोई भी नहीं बना सकता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण साल 2007 में हुआ अंतर्रष्ट्रीय टी20 विश्वकप का फाइनल मैच था। जिसमें धोनी ने जोगिंदर शर्मा जैसे गेंदबाज को भी तुरुप का इक्का साबित कर दिया था।

कोहली को मिलेगी मदद

वर्तमान समय में भारतीय टीम के कप्तान भले ही विराट कोहली हों लेकिन कई बार ऐसे मौके आए हैं, कि वह मैच के दौरान धोनी से सलाह लेते हुए दिखे हैं और उसके सकारात्मक परिणाम भी दिखे हैं। यही नहीं धोनी के नेतृत्व में टीम 2011 का विश्वकप जीत भी चुकी है और 2015 के विश्वकप में भी भारतीय टीम ने सभी टीमों को कड़ी टक्कर दी थी। ऐसे में कोहली को 2019 के विश्वकप के दौरान भी धोनी की सलाह और अनुभव का बहुत बड़ा फायदा मिलेगा।

सबसे फास्ट स्टंपिंग

भारत के खिलाफ क्रिकेट खेलते हुए किसी भी टीम का बल्लेबाज उस समय और भी ज्यादा सतर्क हो जाता है जब विकेट के पीछे धोनी मौजूद हों। धोनी के बारे में कहा जाता है कि पूरी दुनिया में स्टंप्स के पीछे वह सबसे तेज हैं, उनसे कोई भी विकेट आसानी से नहीं छूट सकता। यही कारण है कि आने वाले विश्वकप में भी धोनी टीम के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं।

बेहतरीन मैच फिनिशर

धोनी को दुनिया का सबसे बढ़िया कप्तान और विकेटकीपर तो माना ही जाता है। इसके अलावा उनकी मैच फिनिशर की भूमिका भी बेहद लाजवाब है। इस मामले में भी उनके आगे कोई नहीं टिकता। कई मौकों पर देखा गया है कि धोनी ने एक लंबी पारी खेल भारतीय टीम को असाधारण जीत दिलाई है। यही नहीं जब एक तरफ से टीम के विकेट लगातार गिर रहे हों, तो उस समय पर धोनी ही तारणहार बनकर सामने आए हैं।

युवा क्रिकेटरों के लिए हैं आदर्श

आज भारतीय टीम में जितने भी युवा क्रिकेटर शामिल हैं, उनमें से ज्यादातर या तो सचिन को अपना आदर्श मानते हैं या फिर महेंद्र सिंह धोनी को। ऐसे में धोनी अगर 2019 के विश्वकप में टीम में शामिल रहते हैं और भारत के हर एक मैच में वह मैदान पर रहेंगे जिसका फायदा युवा क्रिकेटरों को मिलेगा। वहीं धोनी भी किसी युवा क्रिकेटर की मदद करने में संकोच नहीं करते।

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