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रवि शास्त्री के बाद क्या राहुल द्रविड़ भारतीय टीम के हेड कोच बनेंगे

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री हैं, जो इंग्लैंड दौरे पर विराट कोहली एंड कंपनी के साथ हैं। वहीं इस बीच श्रीलंका का दौरा भी भारतीय टीम शिखर धवन की कप्तानी में कर रही है, जिसके मुख्य कोच के रूप में राहुल द्रविड़ टीम के साथ गए हुए हैं। हालांकि धवन व द्रविड़ महज इसी दौरे पर क्रमशः कप्तान व कोच रहेंगे। लेकिन इस बीच ये बात उठने लगी है कि रवि शास्त्री के बाद भारतीय टीम का मुख्य कोच कौन बने, जिसके जवाब में ज्यादातर लोगों का जवाब यही है कि राहुल द्रविड़ टीम इंडिया के अगले कोच बनें।

फिलहाल बीसीसीआई ने अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है, रवि शास्त्री की जॉब खतरे में हो। हालांकि टीम इंडिया शास्त्री के कोचिंग कार्यकाल में वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल हारी है, तो वहीं टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में उसके घर में हराकार इतिहास रचा है।

संन्यास लेने के बाद से कोचिंग में एक्टिव हैं द्रविड़

मौजूदा समय में एनसीए यानी नेशनल क्रिकेट एकेडमी के डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे राहुल द्रविड़ ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद से कोचिंग में एक्टिव हो गए। हालांकि सीनियर टीम के साथ वह पहली बतौर हेड कोच श्रीलंका के दौरे पर वह पहली बार गए हैं। जो उनके लिए लिटमस टेस्ट जैसा साबित होने वाला है। इससे पहले द्रविड़ ने लंबे वक्त तक भारतीय अंडर-19 टीम को कोचिंग दी और उनके कार्यकाल में टीम ने साल 2018 में विश्वकप का खिताब जीता। इसके अलावा वह आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के साथ बतौर कोच लंबे समय तक जुड़े रहे।

48 वर्षीय द्रविड़ भारत ए टीम के कोच भी रहे हैं और उन्होंने मौजूदा भारतीय टीम को कई बेहतरीन क्रिकेट के नगीने दिए हैं। जिसमें पृथ्वी शॉ, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, आवेश खान, ईशान किशन और ऐसे ही कई खिलाड़ियों की खेप को तैयार किया है। जिसकी वजह से आज विश्व क्रिकेट में भारतीय टीम की बेंच स्ट्रेंथ सरीखी दूसरी टीम नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों को विदेश में बढ़िया प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया और साथ ही उन्हें मानसिक रूप से इतना मजबूत किया जो किसी भी परिस्थिति का सामना कर सकें।

बीसीसीआई अध्यक्ष व पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी की है तारीफ

एनसीए में जिस भूमिका में द्रविड़ हैं, वह बेहद ही अहम है उन्होंने खिलाड़ियों का ग्रुप तैयार किया है। उनके प्रदर्शन और प्रोग्रेस पर उनकी नजर रहती है। इसके लिए राहुल द्रविड़ और एनसीए टीम को सबसे अधिक क्रेडिट जाता है, जिनकी देखरेख में भारत की बेंच स्ट्रेंथ बेहद मजबूत है।

सफल श्रीलंका दौरे के क्या होंगे द्रविड़ के लिए मायने

राहुल द्रविड़ के लिए श्रीलंका का सफल दौरा एक और अहम पड़ाव साबित होगा। बतौर कोच वह पूर्व में काफी सफल रहे हैं, द्रविड़ भारत के युवा खिलाड़ियों के साथ खूब समय बिता चुके हैं। जिनमें से ज्यादातर खिलाड़ी भारतीय टीम में हैं और कई लगातार दरवाजा खटखटा रहे हैं। ऐसे में जब भी रवि शास्त्री भारतीय टीम के कोच से पद से हटेंगे, द्रविड़ का दावा बतौर कोच काफी मजबूत साबित होगा। क्योंकि उनका ट्रैक रिकॉर्ड काफी जबरदस्त है, बतौर कोच उन्हें लंबा अनुभव है।

श्रीलंका दौरे से पहले क्या बोले द्रविड़

इस टीम से किसी खिलाड़ी को टी-20 विश्वकप के लिए चुना जाता है या नहीं ये फैसला चयनकर्ताओं को करना है। लेकिन एक अंतरराष्ट्रीय टीम के खिलाफ आपको खेलने का मौका मिल रहा है और ऐसे में आपको अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना है, बढ़िया प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को चयनकर्ता भी नोटिस में लेंगे। लेकिन इस दौरे को जिंदगी और मौत नहीं मानना चाहिए। एक दौरा खराब होने से सबकुछ खत्म नहीं हो जाता है, वहीं अगर आप अच्छा खेल गए तो आपको अपने आप मौका मिलेगा।

शास्त्री अपने कोचिंग के अंतिम पड़ाव में

वहीं मौजूदा भारतीय टीम के हेड कोच रवि शास्त्री अपने कार्यकाल के अंतिम पड़ाव पर हैं। वह अनिल कुंबले के बाद साल 2017 में भारतीय टीम के कोच बने थे। उनके सफर में टीम इंडिया का प्रदर्शन घर में हमेशा की तरह शानदार और बाहर इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका को छोड़कर ऑस्ट्रेलिया में भी शानदार रहा है।

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Manoj Tiwari

The author Manoj Tiwari

100 MB Sports में कंटेट राइटर का पद संभालते हुए काम का लुत्फ उठा रहे हैं। कम बोलने में विश्वास और काम को ज्यादा तवज्जो देने में भरोसा रखते हैं। मुंबई में साल भर से ज्यादा समय बिता चुके हैं, शहर को लेकर खुद की अपनी राय रखते हैं। स्पोर्ट्स हमेशा से पसंदीदा बीट रही है, अपने करियर की पारी शुक्रवार मैगजीन से शुरू की, जो स्पोर्ट्सकीड़ा और स्पोर्ट्सवाला से होते हुए अब 100 MB Sports तक आ गयी है। बीच में हमने राजनीति से लेकर मनोरंजन और यात्रा बीट पर भी काम किया, लेकिन स्पोर्ट्स की भूख खत्म नहीं हुई। मायानगरी में जब काम नहीं कर रहे होते हैं, तो शहर घूम रहे होते हैं। अभी के लिए बस इतना ही। हमें और जानना है, तो लिखा हुआ पढ़ लीजिये।