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वनडे क्रिकेट में बिना कप्तान बने सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले टॉप-3 खिलाड़ी

क्रिकेट खेलने वाले हर खिलाड़ी का सपना होता वह एक दिन अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए खेले। लेकिन इसमें से कई ऐसे खिलाड़ी भी होते हैं, जो अपने देश के लिए लंबे समय तक एक फॉर्मेट में महत्वपूर्ण खिलाड़ी के तौर पर खेल रहे होते हैं, हालांकि उन्हें एकबार भी टीम का नेतृत्व करने का मौका नहीं मिलता है। किसी भी खिलाड़ी के लिए कप्तानी का दबाव झेलना आसान काम नहीं होता है।

वहीं हम सभी ने कई बार देखा है कि एक अच्छे खिलाड़ी पर जब कप्तानी का दबाव आता है, तो उसके खेल पर असर साफ तौर पर देखने को मिला है। जिसके चलते टीम के प्रदर्शन पर भी असर पड़ा है और इसी कारण कई खिलाड़ियों को कुछ मैचों के बाद ही कप्तानी के भार से मुक्त कर दिया गया। वहीं कुछ खिलाड़ियों का करियर ऐसा भी रहा जो लंबे समय तक कई कप्तानों के नेतृत्व में खेले लेकिन टीम की बागडोर को उन्होंने एकबार भी अपने कंधों पर नहीं लिया। हम आपको वनडे में सबसे ज्यादा बिना कप्तानी के मैच खेलने वाले टॉप-3 खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

3 – क्रिस हैरिस (न्यूजीलैंड, 250 मैच)

न्यूजीलैंड टीम के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी क्रिस हैरिस ने अपने करियर में 250 वनडे मैचों के दौरान एकबार भी कप्तान के तौर पर जिम्मेदारी नहीं संभाली है। हैरिस ने वनडे में 29 के औसत से 4,379 रन बनाए जिसमें 1 शतक के साथ 16 अर्धशतकीय पारियां शामिल थी। वहीं गेंदबाजी में 37.5 के औसत से 203 विकेट भी हासिल किए हैं। हैरिस लंबे समय तक न्यूजीलैंड के लिए लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट में प्रमुख खिलाड़ी के तौर पर माने गए हैं।

2 – युवराज सिंह (भारत, 304 मैच)

भारतीय क्रिकेट टीम को साल 2007 में टी-20 वर्ल्डकप और साल 2011 में वनडे विश्वकप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले हरफनमौला खिलाड़ी युवराज सिंह ने अपने वनडे करियर के दौरान एकबार भी टीम के नेतृत्व की बागडौर नहीं संभाली है। युवराज ने 304 वनडे मैचों में 36.56 के औसत से 8,701 रन बनाए जिसमें 14 शतक और 52 अर्धशतकीय पारियां शामिल हैं। वहीं गेंदबाजी में युवी ने 38.68 के औसत से 111 विकेट हासिल किए हैं।

1 – मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका, 350 मैच)

दिग्गज ऑफ स्पिनर खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन की गेंदबाजी के आगे कई महान बल्लेबाजों को संघर्ष करते हुए देखा गया है। मुरलीधरन ने श्रीलंका टीम को अपने गेंदबाजी के दम पर कई महत्वपूर्ण मैचों में जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की है। मुरलीधरन ने अपने वनडे करियर में 350 मैचों में 23.08 के औसत से 534 विकेट हासिल किए हैं, जिसमें उन्होंने 1 मैच में 10 बार 5 विकेट लिए हैं।

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