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क्या वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप विजेता तय करने के लिए 3 मैच की सीरीज होनी चाहिए थी

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम भारत के खिलाफ 8 विकेट से जीत के साथ खिताब को अपने नाम करने में कामयाब रही। लेकिन इस मैच के साथ एक बहस विश्व क्रिकेट में काफी तेज देखने को मिल रही है, जिसमें एक फाइनल मैच की जगह 3 मैचों की सीरीज कराने के विचार दिए जा रहे हैं। ताकि दोनों ही टीमों को बराबरी का मौक मिल सके और 1 मैच में जीत-हार से विजेता का चयन करने से बेहतर 3 मैचों की सीरीज से किया जाए।

सचिन तेंदुलकर ने कही यह बात

महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के विजेता का फैसला करने के लिए 3 मैचों की सीरीज कराने का भविष्य में विचार दिया है। जिसमें उन्होंने कहा कि जब कोई टीम वनडे विश्वकप या टी-20 विश्वकप खेलती है, तो वह फाइनल में पहुंचने तक एक हालात में ही क्रिकेट खेलती है और ऐसी स्थिति में एक फाइनल मैच होने में कोई दिक्कत नहीं है।

लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में एक टीम ऑस्ट्रेलिया में 4 मैच तो इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू हालात में टेस्ट सीरीज खेलती है। जिसके बाद वह फाइनल के लिए क्वालीफाइ करते हुए इंग्लैंड में सिर्फ एक फाइनल मैच खेलती है, जो बिल्कुल भी सही नहीं है। ऐसे में कम से कम 3 मैचों की सीरीज कराई जानी चाहिए, ताकि दोनों ही टीमों को बराबरी का मौका मिल सके।

कोहली और रवि शास्त्री ने भी दोहराई यही बात

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने फाइनल मुकाबले से पहले अपने दिए एक बयान में कहा था कि आप एक मैच में किसी टीम के प्रदर्शन से यह तय नहीं कर सकते कि वह खराब है या अच्छी। क्योंकि हमने पूरे सीजन शानदार क्रिकेट खेला है और अब एक मैच से हमारे प्रदर्शन को आंका नहीं जा सकता है।

वहीं भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने फाइनल मैच में मिली हार के बाद कहा कि हमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के आने वाले सीजन में फाइनल के लिए 3 मैचों की सीरीज कराने पर सोचना चाहिए। क्योंकि 2 दिन के खराब खेल में आप एक अच्छी टीम को बुरा नहीं बता सकते। वहीं 3 मैचों की सीरीज में उतार-चढाव देखने के साथ वापसी का भी मौका मिलेगा, जो सभी को एकसमान अवसर देने का काम करेंगे।

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